घरों को रंगीन करने के लिए उपयोग किए जाने वाले भारतीय बाजारों में उपलब्ध 51 पेंटों में से 90% से अधिक पेंट खतरनाक हैं क्योंकि उनमें सीसे की मात्रा बहुत ज्यादा है जो स्वास्थ्य के लिए बहुत ख़तरनाक़ है। शोध और वकालत समूहों द्वारा कुछ विश्लेषण किए गए हैं, जिनमें यह पाया गया कि सीसे की मात्रा केंद्र सरकार की 90 पार्ट्स प्रति मिलियन (पीपीएम) की स्वीकार की गई सीमा से बहुत ज्यादा है।
भारतीय घरों को रंगीन करने वाले 51 पेंट जानलेवा।
- बोशल
- October 27, 2023
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RSS Press Conference : RSS की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा (ABPS) की बंगलुरु में हुई बैठक में संघ की नीतियों और उसके दृष्टिकोण पर चर्चा हुई। आखिरी पत्रकार वार्ता में संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले से BBC द्वारा यह पूछे जाने पर कि संघ भाजपा की अभिभावक है इसलिए बीते 11 साल के बीजेपी शासन को वह कैसे आंकती है? उन्होंने जवाब दिया जैसे देश आंकलन करता है वैसे संघ भी करता है, जहां तक अभिभावक होने की बात है “…हम किसी भी सरकार के अभिभावक बनने को तैयार हैं, सिर्फ़ भाजपा के नहीं।”
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Cooperative Corruption : असम कोऑपरेटिव एपेक्स बैंक के खिलाफ़ चल रहे प्रदर्शन को कवर कर रहे पत्रकार दिलावर हुसैन मजूमदार को दो बार गिरफ़्तार किया गया। दिलावर हुसैन द क्रॉसकरंट के रिपोर्टर और गुवाहाटी प्रेस क्लब के सहायक महासचिव हैं। इस सहकारी बैंक के निदेशक हेमंत बिस्वा शरमा हैं जो कि असम के मुख्यमंत्री हैं और भाजपा विधायक बिस्वजीत फुकन इसके अध्यक्ष हैं। मजूमदार को पहले 25 मार्च को गिरफ़्तार किया गया, 26 मार्च को उन्हें जमानत दी गई पर जमानत बॉन्ड न जमा कर पाने के कारण उन्हें अगले दिन रिहा किया गया। गिरफ्तारी का सिलसिला जारी रहे इसलिए पत्रकार के खिलाफ एक अन्य शिकायत भी करवाई गई। यह शिकायत असम कोऑपरेटिव एपेक्स बैंक के प्रबंध निदेशक डंबरू सैकिया ने लिखवाई, पत्रकार पर दस्तावेज चोरी का आरोप लगाया। इसके बाद उन्हें दोबारा गिरफ़्तार किया गया। अदालत ने मजूमदार को जमानत देते हुए कहा कि किसी पर ऐसे आरोप लगाना “कानून का दुरुपयोग” करने से कम नहीं होगा, जिस कानून को अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों की सुरक्षा के लिए बनाया गया था, उसका इस्तेमाल झूठे आधार पर लोगों को गिरफ्तार करने के लिए एक उपकरण के रूप में किया जा रहा है।
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Government’s economic mishandling: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि ICICI बैंक के 782 पूर्व कर्मचारियों ने संसद में उनसे मुलाक़ात की। उनकी बातें बहुत परेशान करने वाली थीं। उनकी कहानियों से एक पैटर्न सामने आता जिससे साफ़ होता है कि कार्यस्थल पर उत्पीड़न,जबरन तबादले, NPA उल्लंघन करने वाले का खुलासा करने पर प्रतिशोध, प्रक्रिया का पालन किए बिना बर्खास्तगी और कुछ मामले हैं जिनमें कर्मचारियों ने आत्महत्या भी कर ली। भाजपा सरकार ने अपने अरबपति मित्रो के 16 लाख करोड़ रुपये के ऋण माफ कर दिए हैं। नियामक कुप्रबंधन तो किया ही भाई-भतीजावाद करके भाजपा सरकार ने भारत के बैंकिंग क्षेत्र को संकट में डाल दिया है। इसका बोझ अंततः जूनियर कर्मचारियों पर पड़ रहा है। इसके कारण वे तनाव और ख़तरनाक स्थितियों को झेल रहे हैं। भाजपा के आर्थिक कुप्रबंधन की कीमत देश के नागरिकों को चुकानी पड़ रही है। हम इन मामलों को संसद में उठाएंगे।
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Corruption : पूर्व IPS अधिकारी और पुदुच्चेरी की पूर्व राज्यपाल और भ्रष्टाचार आंदोलन की मुख्य कार्यकर्ता, किरण बेदी ने अपनी बेटी साइना पर बिना किसी कानूनी अनुमति के उनकी निजी जिंदगी पर नज़र रखने के लिए दिल्ली पुलिस के अधिकारियों का इस्तेमाल किया। 30 घंटे की ऑडियो रिकॉर्डिंग और सौ से ज्यादा ईमेल पर आधारित यह पड़ताल साल 2003 की है। किरण बेदी की बेटी और उनके शादीशुदा साथी होटल व्यवसायी गोपाल सूरी, पैसे कमाने के लिए किरण बेदी की सार्वजनिक प्रोफाइल का इस्तेमाल वीजा घोटाले के लिए कर रहे थे। किरण बेदी इससे वाक़िफ भी थीं फिर भी उन्होंने इससे इनकार कर दिया। एक ईमेल में इसे ‘मानव तस्करी’ भी बताया गया है। इस जासूसी और फोन टैपिंग में दिल्ली पुलिस के पांच वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। जिनमें तीन, मुकुंद उपाध्याय, उज्ज्वल मिश्रा और वेद भूषण थे। मिश्रा और भूषण, बाद में दिल्ली पुलिस के संयुक्त और सहायक आयुक्त बने, किरण बेदी के लिए ये लोग निगरानी करने और उन्हें सूचनाएं पहुंचाने में प्रमुख भूमिका में थे। किरण बेदी ने कुछ जासूसी एजेंसियों को भी इस काम में लगाया था।
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Vantara: रिलायंस की कंपनी वनतारा की रिपोर्ट्स छापने वाले मीडिया संस्थानों को धमकी भरे ईमेल मिलने के बाद, बड़े मीडिया संस्थानों ने ये रिपोर्ट अपने वेबसाइट्स से हटा दीं। फैक्ट चेक करने वाली वेबसाइट ऑल्ट न्यूज ने स्टोरीज उपलब्ध न होने पर जब इन मीडिया संस्थानों से संपर्क किया तो टेलीग्राफ में वरिष्ठ संपादकीय पद पर बैठे एक व्यक्ति ने प्राधिकरण की कमी का हवाला देते हुए टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। डेक्कन हेराल्ड के एक प्रतिनिधि ने भी कहा कि वह आधिकारिक या अनौपचारिक रूप से टिप्पणी नहीं कर सकते। फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट में पहले जो रिपोर्ट छापी गई थी उसमें वनतारा में पशुओं के व्यावसायिक इस्तेमाल पर सवाल उठाए गए थे पर बाद में उसी लिंक में क्लिक करने पर वनतारा की तारीफ़ करने की स्टोरी मिली।
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Stock Market Corruption : एक मीडिया रिपोर्टर की शिकायत के बाद मुंबई की विशेष अदालत ने माधवी पुरी बुच पर FIR दर्ज करने का निर्देश दिया। अदालत ने एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) को निर्देश देते हुए कहा कि जांच की निगरानी अदालत करेगी। अदालत ने कहा कि प्रथम द्रष्टया शेयर बाजार में धोखाधड़ी और नियमों के उल्लंघन के सबूत हैं इसलिए निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है। माधवी पुरी बुच के साथ साथ पांच अन्य अधिकारियों के ऊपर जांच के आदेश हैं। माधवी पुरी बुच भारत की पहली महिला सेबी प्रमुख रही हैं और बीते शुक्रवार को उन्होंने अपना तीन साल का कार्यकाल पूरा कर लिया है।
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