जब मुसलमानों का खून बहता है तो पश्चिमी देश ध्यान नहीं देते: राष्ट्रपति(टर्की)
- बोशल
- October 26, 2023
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RSS Press Conference : RSS की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा (ABPS) की बंगलुरु में हुई बैठक में संघ की नीतियों और उसके दृष्टिकोण पर चर्चा हुई। आखिरी पत्रकार वार्ता में संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले से BBC द्वारा यह पूछे जाने पर कि संघ भाजपा की अभिभावक है इसलिए बीते 11 साल के बीजेपी शासन को वह कैसे आंकती है? उन्होंने जवाब दिया जैसे देश आंकलन करता है वैसे संघ भी करता है, जहां तक अभिभावक होने की बात है “…हम किसी भी सरकार के अभिभावक बनने को तैयार हैं, सिर्फ़ भाजपा के नहीं।”
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Cooperative Corruption : असम कोऑपरेटिव एपेक्स बैंक के खिलाफ़ चल रहे प्रदर्शन को कवर कर रहे पत्रकार दिलावर हुसैन मजूमदार को दो बार गिरफ़्तार किया गया। दिलावर हुसैन द क्रॉसकरंट के रिपोर्टर और गुवाहाटी प्रेस क्लब के सहायक महासचिव हैं। इस सहकारी बैंक के निदेशक हेमंत बिस्वा शरमा हैं जो कि असम के मुख्यमंत्री हैं और भाजपा विधायक बिस्वजीत फुकन इसके अध्यक्ष हैं। मजूमदार को पहले 25 मार्च को गिरफ़्तार किया गया, 26 मार्च को उन्हें जमानत दी गई पर जमानत बॉन्ड न जमा कर पाने के कारण उन्हें अगले दिन रिहा किया गया। गिरफ्तारी का सिलसिला जारी रहे इसलिए पत्रकार के खिलाफ एक अन्य शिकायत भी करवाई गई। यह शिकायत असम कोऑपरेटिव एपेक्स बैंक के प्रबंध निदेशक डंबरू सैकिया ने लिखवाई, पत्रकार पर दस्तावेज चोरी का आरोप लगाया। इसके बाद उन्हें दोबारा गिरफ़्तार किया गया। अदालत ने मजूमदार को जमानत देते हुए कहा कि किसी पर ऐसे आरोप लगाना “कानून का दुरुपयोग” करने से कम नहीं होगा, जिस कानून को अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों की सुरक्षा के लिए बनाया गया था, उसका इस्तेमाल झूठे आधार पर लोगों को गिरफ्तार करने के लिए एक उपकरण के रूप में किया जा रहा है।
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Government’s economic mishandling: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि ICICI बैंक के 782 पूर्व कर्मचारियों ने संसद में उनसे मुलाक़ात की। उनकी बातें बहुत परेशान करने वाली थीं। उनकी कहानियों से एक पैटर्न सामने आता जिससे साफ़ होता है कि कार्यस्थल पर उत्पीड़न,जबरन तबादले, NPA उल्लंघन करने वाले का खुलासा करने पर प्रतिशोध, प्रक्रिया का पालन किए बिना बर्खास्तगी और कुछ मामले हैं जिनमें कर्मचारियों ने आत्महत्या भी कर ली। भाजपा सरकार ने अपने अरबपति मित्रो के 16 लाख करोड़ रुपये के ऋण माफ कर दिए हैं। नियामक कुप्रबंधन तो किया ही भाई-भतीजावाद करके भाजपा सरकार ने भारत के बैंकिंग क्षेत्र को संकट में डाल दिया है। इसका बोझ अंततः जूनियर कर्मचारियों पर पड़ रहा है। इसके कारण वे तनाव और ख़तरनाक स्थितियों को झेल रहे हैं। भाजपा के आर्थिक कुप्रबंधन की कीमत देश के नागरिकों को चुकानी पड़ रही है। हम इन मामलों को संसद में उठाएंगे।
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Rohingya: अर्जेंटीना की एक संघीय आपराधिक अदालत ने फैसला सुनाया है कि म्यांमार के 25 सैन्य नेताओं और सिविल सर्वेंट्स को गिरफ़्तार किया जाए। इसमें जुंटा प्रमुख मिन आंग ह्लाइंग, पूर्व राष्ट्रपति यू हटिन क्याव और स्टेट काउंसलर दाव आंग सान सू की भी शामिल हैं। न्यायालय का फैसला 2012 से 2018 तक म्यांमार में रोहिंग्याओं के नरसंहार और मानवता के खिलाफ अपराधों की चल रही जांच का एक हिस्सा है। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने इसका स्वागत किया और कहा कि यह एक निष्पक्ष और स्वतंत्र निर्णय है। यह पहली बार है कि रोहिंग्या समुदाय पर म्यांमार सेना के नरसंहार के संबंध में गिरफ्तारी वारंट के आदेश आए हैं।
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17 महीने से कैद और उसके बाद सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (PSA) के तहत हिरासत में रहने वाले पत्रकार माजिद हैदरी की रिहाई के आदेश हो गए हैं। जम्मू कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय ने कहा कि सरकारी नीतियों की आलोचना करना कैद का आधार नहीं हो सकता। 43 वर्षीय पत्रकार माजिद हैदरी, 15 सितंबर, 2023 को ‘मानहानि और धमकी’ के एक मामले में गिरफ्तार हुए। फिर उन्हें जमानत मिली, पर पुलिस ने रिहा नहीं किया बल्कि PSA लगाकर 16 सितंबर, 2023 से उनकी कैद को जारी रखा। उनपर आरोप लगाकर कहा गया कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था के लिए ख़तरा हैं। PSA इसलिए क्योंकि इस कानून से बिना मुकदमें बिना मजिस्ट्रेट के आदेश के दो साल तक जेल में रखा जा सकता है। पर न्यायालय ने इस कैद को अब रद्द कर दिया।
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Bulldozed: देर शाम 7 जेसीबी और 2 पोकलैंड मशीनों का इस्तेमाल करते हुए कुशीनगर स्थित मदनी मस्जिद के एक बड़े हिस्से को अवैध करार देते हुए ध्वस्त कर दिया। लोकल प्रशासन ने इसे शांतिपूर्ण विध्वंस कहा। जबकि मदनी मस्जिद के मुखिया हाजी हामिद खान ने कहा कि इस मस्जिद का निर्माण नगर पालिका की उपलब्ध योजनाओं के आधार पर पंजीकृत जमीन पर किया गया था। प्रशासन की यह कार्यवाही झूठ के आधार पर थी और एकतरफा थी साथ ही सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का उल्लंघन भी थी।
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