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सुप्रीम कोर्ट
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अनुच्छेद-370 पर आज आएगा सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक बेंच का फ़ैसला; 4 साल पहले 2019 में J & K राज्य को अनुच्छेद-370 से प्राप्त ‘विशेष दर्जा’ समाप्त कर दिया गया था।
बोशल
December 11, 2023
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Video parliament: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में बोलते हुए कहा कि इस Waqf Board Amendment Bill में बहुत खामियां हैं, इसमें जो पुराना था वही डाल दिया गया है और जो नहीं होना चाहिए उसे भी डाल दिया गया है। सरकार के लोगों ने सबसे मिलकर और बात करके इस बिल को लोकसभा में पास कराया उसके बाद भी इस बिल के विरोध में 232 वोट पड़े और पक्ष में 288। यदि संसद ऐसे कानूनों को पास करती है जिसमें खामियां हैं तो यह किसी के लिए ठीक नहीं होगा। यह जिसकी लाठी उसकी भैंस की तरह देश नहीं चलेगा।
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RSS Press Conference : RSS की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा (ABPS) की बंगलुरु में हुई बैठक में संघ की नीतियों और उसके दृष्टिकोण पर चर्चा हुई। आखिरी पत्रकार वार्ता में संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले से BBC द्वारा यह पूछे जाने पर कि संघ भाजपा की अभिभावक है इसलिए बीते 11 साल के बीजेपी शासन को वह कैसे आंकती है? उन्होंने जवाब दिया जैसे देश आंकलन करता है वैसे संघ भी करता है, जहां तक अभिभावक होने की बात है “…हम किसी भी सरकार के अभिभावक बनने को तैयार हैं, सिर्फ़ भाजपा के नहीं।”
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Cooperative Corruption : असम कोऑपरेटिव एपेक्स बैंक के खिलाफ़ चल रहे प्रदर्शन को कवर कर रहे पत्रकार दिलावर हुसैन मजूमदार को दो बार गिरफ़्तार किया गया। दिलावर हुसैन द क्रॉसकरंट के रिपोर्टर और गुवाहाटी प्रेस क्लब के सहायक महासचिव हैं। इस सहकारी बैंक के निदेशक हेमंत बिस्वा शरमा हैं जो कि असम के मुख्यमंत्री हैं और भाजपा विधायक बिस्वजीत फुकन इसके अध्यक्ष हैं। मजूमदार को पहले 25 मार्च को गिरफ़्तार किया गया, 26 मार्च को उन्हें जमानत दी गई पर जमानत बॉन्ड न जमा कर पाने के कारण उन्हें अगले दिन रिहा किया गया। गिरफ्तारी का सिलसिला जारी रहे इसलिए पत्रकार के खिलाफ एक अन्य शिकायत भी करवाई गई। यह शिकायत असम कोऑपरेटिव एपेक्स बैंक के प्रबंध निदेशक डंबरू सैकिया ने लिखवाई, पत्रकार पर दस्तावेज चोरी का आरोप लगाया। इसके बाद उन्हें दोबारा गिरफ़्तार किया गया। अदालत ने मजूमदार को जमानत देते हुए कहा कि किसी पर ऐसे आरोप लगाना “कानून का दुरुपयोग” करने से कम नहीं होगा, जिस कानून को अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों की सुरक्षा के लिए बनाया गया था, उसका इस्तेमाल झूठे आधार पर लोगों को गिरफ्तार करने के लिए एक उपकरण के रूप में किया जा रहा है।
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Freedom of expression: राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी की एक इंस्टाग्राम पोस्ट को लेकर गुजरात पुलिस ने FIR दर्ज किया, अभियोजन पक्ष के अनुसार इमरान प्रतापगढ़ी ने जामनगर में एक शादी में भाग लेने के बाद, एक वीडियो अपलोड किया, जिसके बैकग्राउंड में कविता चल रही थी, “ऐ खून के प्यासे बात सुनो”। उस FIR को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज हुए कहा कि कविता हिंसा को बढ़ावा नहीं देती बल्कि कविता लोगों को हिंसा का सहारा लेने से बचने और अन्याय का सामना प्यार से करने के लिए प्रोत्साहित करती है। कविता में कहा गया है कि अगर अन्याय के खिलाफ हमारी लड़ाई में हमारे प्रियजनों की मौत हो जाती है, तो हमें उनके शवों को दफनाने में खुशी होगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि भले ही बड़ी संख्या में लोग दूसरे द्वारा व्यक्त किए गए विचारों को नापसंद करते हों, लेकिन व्यक्ति के विचार व्यक्त करने के अधिकार का सम्मान और संरक्षण किया जाना चाहिए।
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Suo motu cognizance: सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस राम मनोहर नारायण मिश्र द्वारा दिए गए विवादित निर्णय पर सुनवाई शुरू करने का फैसला किया। यह इलाहाबाद का वह निर्णय है जिसमें 11 साल की लड़की के प्राइवेट पार्ट को गलत तरीके से छूने और उसे नग्न करने की कोशिश को अपराध नहीं माना गया था। इस मामले से जुड़ी एक जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बेला त्रिवेदी की बेंच ने सुनने से इनकार कर दिया था पर जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच द्वारा इसकी सुनवाई शुरू की गई।
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Rohingya Children: सुप्रीम कोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अपना अंतिम फैसला किया कि बिना किसी भेदभाव के हर बच्चे को शिक्षा प्रदान की जानी चाहिए, लेकिन पहले रोहिंग्या परिवारों के निवास की स्थिति का पता लगाना आवश्यक है। न्यायालय ने कहा कि रोहिंग्या बच्चे स्कूल से संपर्क करें। स्कूल उनका ऐडमिशन करें, एक बार स्कूल में ऐडमिशन हो जाएगा तो वे सरकारी लाभों को भी पाने के हकदार हो जाएंगे। यदि स्कूल उनकी बात नहीं मानते हैं तो वे दिल्ली उच्च न्यायालय से सम्पर्क करें।
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‘भारतीय मज़दूर संघ’(BMS) आगामी सोमवार को करेगा संसद मार्च; एक महीने में केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ BMS का यह दूसरा विरोध प्रदर्शन होगा; माँग यह है कि केंद्र आंगनवाड़ी कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारी माने और उन्हें इससे संबंधित सामाजिक सुरक्षा लाभ प्रदान करे।
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बसपा अध्यक्ष मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया। लोकसभा चुनाव की तैयारी के पहले उन्होंने यह घोषणा की।
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