पेंटागन का कहना है कि, गलवान झड़प के बाद चीन ने 2022 से एलएसी पर सेना और बुनियादी ढांचे की मौजूदगी बढ़ा दी है।
- बोशल
- October 22, 2023
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Video parliament: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में बोलते हुए कहा कि इस Waqf Board Amendment Bill में बहुत खामियां हैं, इसमें जो पुराना था वही डाल दिया गया है और जो नहीं होना चाहिए उसे भी डाल दिया गया है। सरकार के लोगों ने सबसे मिलकर और बात करके इस बिल को लोकसभा में पास कराया उसके बाद भी इस बिल के विरोध में 232 वोट पड़े और पक्ष में 288। यदि संसद ऐसे कानूनों को पास करती है जिसमें खामियां हैं तो यह किसी के लिए ठीक नहीं होगा। यह जिसकी लाठी उसकी भैंस की तरह देश नहीं चलेगा।
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RSS Press Conference : RSS की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा (ABPS) की बंगलुरु में हुई बैठक में संघ की नीतियों और उसके दृष्टिकोण पर चर्चा हुई। आखिरी पत्रकार वार्ता में संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले से BBC द्वारा यह पूछे जाने पर कि संघ भाजपा की अभिभावक है इसलिए बीते 11 साल के बीजेपी शासन को वह कैसे आंकती है? उन्होंने जवाब दिया जैसे देश आंकलन करता है वैसे संघ भी करता है, जहां तक अभिभावक होने की बात है “…हम किसी भी सरकार के अभिभावक बनने को तैयार हैं, सिर्फ़ भाजपा के नहीं।”
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Cooperative Corruption : असम कोऑपरेटिव एपेक्स बैंक के खिलाफ़ चल रहे प्रदर्शन को कवर कर रहे पत्रकार दिलावर हुसैन मजूमदार को दो बार गिरफ़्तार किया गया। दिलावर हुसैन द क्रॉसकरंट के रिपोर्टर और गुवाहाटी प्रेस क्लब के सहायक महासचिव हैं। इस सहकारी बैंक के निदेशक हेमंत बिस्वा शरमा हैं जो कि असम के मुख्यमंत्री हैं और भाजपा विधायक बिस्वजीत फुकन इसके अध्यक्ष हैं। मजूमदार को पहले 25 मार्च को गिरफ़्तार किया गया, 26 मार्च को उन्हें जमानत दी गई पर जमानत बॉन्ड न जमा कर पाने के कारण उन्हें अगले दिन रिहा किया गया। गिरफ्तारी का सिलसिला जारी रहे इसलिए पत्रकार के खिलाफ एक अन्य शिकायत भी करवाई गई। यह शिकायत असम कोऑपरेटिव एपेक्स बैंक के प्रबंध निदेशक डंबरू सैकिया ने लिखवाई, पत्रकार पर दस्तावेज चोरी का आरोप लगाया। इसके बाद उन्हें दोबारा गिरफ़्तार किया गया। अदालत ने मजूमदार को जमानत देते हुए कहा कि किसी पर ऐसे आरोप लगाना “कानून का दुरुपयोग” करने से कम नहीं होगा, जिस कानून को अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों की सुरक्षा के लिए बनाया गया था, उसका इस्तेमाल झूठे आधार पर लोगों को गिरफ्तार करने के लिए एक उपकरण के रूप में किया जा रहा है।
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Poorness in India: ब्लूम वेंचर्स (उद्यम पूंजी फर्म) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में गरीबी बढ़ती जा रही है। भारत की 1.4 अरब की आबादी में 1अरब आबादी के पास मन का खरीदने और सेवाएं लेने के पैसे ही नहीं हैं। एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में उपभोक्ता वर्ग बढ़ नहीं रहा है बल्कि ये गहरा हो रहा है। इसका मतलब है कि भारत की धनी आबादी की संख्या वास्तव में नहीं बढ़ रही है। जो पहले से ही अमीर हैं वे और भी अमीर होते जा रहे हैं। रिपोर्ट के निष्कर्ष इस दृष्टिकोण को बल देते हैं कि भारत की अर्थव्यवस्था में कोरोना महामारी के बाद की K-आकार की ग्रोथ ने अमीर को अधिक अमीर बनाया और गरीबों की पॉकेट से पैसे छीन लिया। सरकार की नीतियों में समस्याएं कोरोना महामारी से पहले ही शुरू हो गई थी और अब असमानता इतनी बढ़ गई है कि शीर्ष 10% भारतीयों के पास अब राष्ट्रीय आय का 57.7% हिस्सा है, जबकि निचले आधे लोगों का राष्ट्रीय आय में हिस्सा 15% हो गया है।
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Research Paper Gujrat model: एक शोधपत्र में कहा गया है कि गुजरात मॉडल असल में बिहार के नजदीक है, यहां कुपोषण है, गरीबी और अमीरी की खाईं गहरी हुई है, गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों की दर बढ़ी है, शिक्षा की दर अच्छी नहीं है, अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा बहुत कमजोर है। शोधपत्र में यह बात बड़ी दिलचस्प कही गई है कि भारत में अगर कोई मॉडल है, तो वह तमिलनाडु का विकास मॉडल है, यह एक ऐसा राज्य है, जिसने लगभग गरीबी मिटा दी है, तेज़ी से औद्योगीकरण भी किया है और सेवाएं अब उद्योगों की जगह ले रही हैं। यह चीज गुजरात मॉडल में देखने को नहीं मिलती, यहां जॉब क्रिएशन नहीं है। गुजरात का विकास बिना नौकरियों का विकास है। यह शोध पत्र राजनीति विज्ञानी और दक्षिण एशिया विशेषज्ञ क्रिस्टोफ जेफरलॉ, विग्नेश राजमणि और नील भारद्वाज ने तीन राज्यों पर शोध करके तैयार किया है।
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Deported Indians: अमेरिका से निर्वासित अवैध प्रवासियों का चौथा जत्था भारत पहुंचा। ये लोग अमेरिका से पनामा भेजे गए थे फिर वहां से भारत आए, कहा जा रहा है कि यह अंतिम जत्था है, इसमें 12 लोग हैं। इनके पैरों में बेड़ियां और हाथों में हथकड़ियां नहीं थी बल्कि इनके पैरों में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लगे हुए थे। 42 लाख रुपए खर्च करने वाले एक निर्वासित भारतीय ने अपनी आप बीती बताई और कहा कि भारत की चुप्पी ने हमारी परेशानियां बढ़ा दीं। हमारे साथ बहुत ग़लत व्यवहार हुआ। कोलंबिया और मैक्सिको ने अमेरिका के खिलाफ बोलने का साहस किया पर भारत ने कुछ नहीं किया।
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