अमेरिका ने इज़रायल को हमास से युद्ध करने के लिए 14.4अरब डॉलर की सैन्य सहायता दी। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में रिपब्लिकन इससे सहमत नहीं थे। आमतौर पर आपात सहायता के लिए विधेयकों पर दोनों दलों की सहमति होती है और कुछ कटौतियां(जैसे सरकारी खर्च में कमी की जाती है)। पर इस विधेयक पर दलों में सहमति नहीं थी। वे बंटे हुए नज़र आये।
अमेरिका ने इज़रायल को सैन्य सहायता(14.5अरब डॉलर) की मंजूरी दी
- बोशल
- November 4, 2023
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RSS Press Conference : RSS की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा (ABPS) की बंगलुरु में हुई बैठक में संघ की नीतियों और उसके दृष्टिकोण पर चर्चा हुई। आखिरी पत्रकार वार्ता में संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले से BBC द्वारा यह पूछे जाने पर कि संघ भाजपा की अभिभावक है इसलिए बीते 11 साल के बीजेपी शासन को वह कैसे आंकती है? उन्होंने जवाब दिया जैसे देश आंकलन करता है वैसे संघ भी करता है, जहां तक अभिभावक होने की बात है “…हम किसी भी सरकार के अभिभावक बनने को तैयार हैं, सिर्फ़ भाजपा के नहीं।”
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Cooperative Corruption : असम कोऑपरेटिव एपेक्स बैंक के खिलाफ़ चल रहे प्रदर्शन को कवर कर रहे पत्रकार दिलावर हुसैन मजूमदार को दो बार गिरफ़्तार किया गया। दिलावर हुसैन द क्रॉसकरंट के रिपोर्टर और गुवाहाटी प्रेस क्लब के सहायक महासचिव हैं। इस सहकारी बैंक के निदेशक हेमंत बिस्वा शरमा हैं जो कि असम के मुख्यमंत्री हैं और भाजपा विधायक बिस्वजीत फुकन इसके अध्यक्ष हैं। मजूमदार को पहले 25 मार्च को गिरफ़्तार किया गया, 26 मार्च को उन्हें जमानत दी गई पर जमानत बॉन्ड न जमा कर पाने के कारण उन्हें अगले दिन रिहा किया गया। गिरफ्तारी का सिलसिला जारी रहे इसलिए पत्रकार के खिलाफ एक अन्य शिकायत भी करवाई गई। यह शिकायत असम कोऑपरेटिव एपेक्स बैंक के प्रबंध निदेशक डंबरू सैकिया ने लिखवाई, पत्रकार पर दस्तावेज चोरी का आरोप लगाया। इसके बाद उन्हें दोबारा गिरफ़्तार किया गया। अदालत ने मजूमदार को जमानत देते हुए कहा कि किसी पर ऐसे आरोप लगाना “कानून का दुरुपयोग” करने से कम नहीं होगा, जिस कानून को अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों की सुरक्षा के लिए बनाया गया था, उसका इस्तेमाल झूठे आधार पर लोगों को गिरफ्तार करने के लिए एक उपकरण के रूप में किया जा रहा है।
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Government’s economic mishandling: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि ICICI बैंक के 782 पूर्व कर्मचारियों ने संसद में उनसे मुलाक़ात की। उनकी बातें बहुत परेशान करने वाली थीं। उनकी कहानियों से एक पैटर्न सामने आता जिससे साफ़ होता है कि कार्यस्थल पर उत्पीड़न,जबरन तबादले, NPA उल्लंघन करने वाले का खुलासा करने पर प्रतिशोध, प्रक्रिया का पालन किए बिना बर्खास्तगी और कुछ मामले हैं जिनमें कर्मचारियों ने आत्महत्या भी कर ली। भाजपा सरकार ने अपने अरबपति मित्रो के 16 लाख करोड़ रुपये के ऋण माफ कर दिए हैं। नियामक कुप्रबंधन तो किया ही भाई-भतीजावाद करके भाजपा सरकार ने भारत के बैंकिंग क्षेत्र को संकट में डाल दिया है। इसका बोझ अंततः जूनियर कर्मचारियों पर पड़ रहा है। इसके कारण वे तनाव और ख़तरनाक स्थितियों को झेल रहे हैं। भाजपा के आर्थिक कुप्रबंधन की कीमत देश के नागरिकों को चुकानी पड़ रही है। हम इन मामलों को संसद में उठाएंगे।
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Deported Indians: अमेरिका से निर्वासित अवैध प्रवासियों का चौथा जत्था भारत पहुंचा। ये लोग अमेरिका से पनामा भेजे गए थे फिर वहां से भारत आए, कहा जा रहा है कि यह अंतिम जत्था है, इसमें 12 लोग हैं। इनके पैरों में बेड़ियां और हाथों में हथकड़ियां नहीं थी बल्कि इनके पैरों में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लगे हुए थे। 42 लाख रुपए खर्च करने वाले एक निर्वासित भारतीय ने अपनी आप बीती बताई और कहा कि भारत की चुप्पी ने हमारी परेशानियां बढ़ा दीं। हमारे साथ बहुत ग़लत व्यवहार हुआ। कोलंबिया और मैक्सिको ने अमेरिका के खिलाफ बोलने का साहस किया पर भारत ने कुछ नहीं किया।
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Reciprocal tariff: अमेरिका के नव निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वे भारत के प्रधानमंत्री से बात कर चुके हैं वे आपस में एक दूसरे के बराबर ही टैरिफ लगाएंगे। उन्होंने कहा भारत के साथ व्यापार करना मुश्किल है, क्योंकि उसके बाज़ार बहुत नियम लगाते हैं। इसलिए यदि किसी वस्तु पर भारत 25% शुल्क लगाएगा तो वे भी उतना ही शुल्क लगाएंगे। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री इस बात पर सहमत नहीं हैं पर मुझसे कोई बहस नहीं कर सकता। राष्ट्रपति पहले ही भारत को “टैरिफ किंग” कह चुके हैं।
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व्हाइट हाउस के एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिस के निदेशक जोशुआ फिशर ने कहा कि इलोन मस्क व्हाइट हाउस के मात्र एक कर्मचारी हैं। वे राष्ट्रपति के वरिष्ठ सलाहकार हैं। फिशर ने कहा कि उनके पास अन्य कर्मचारियों की तरह ही सरकारी निर्णय लेने का कोई वास्तविक या औपचारिक अधिकार नहीं है। वे केवल राष्ट्रपति को सलाह दे सकते हैं और राष्ट्रपति के निर्देशों को संप्रेषित कर सकते हैं। फिशर उन14 अमेरिकी राज्यों और न्यू मैक्सिको द्वारा दायर याचिका जो कि इलोन मस्क के खिलाफ़ दायर की गई थी उसका जवाब दे रहे थे। फॉक्स न्यूज के एक संयुक्त साक्षात्कार में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि टेस्ला के संस्थापक ही व्हाइट हाउस चला रहे हैं। इसलिए मस्क के विरुद्ध ये याचिकाएं दायर की गई थीं।
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