कांगपोकपी (मणिपुर) में हिंसा, दो लोगों की मौत
- बोशल
- November 20, 2023
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Video parliament: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में बोलते हुए कहा कि इस Waqf Board Amendment Bill में बहुत खामियां हैं, इसमें जो पुराना था वही डाल दिया गया है और जो नहीं होना चाहिए उसे भी डाल दिया गया है। सरकार के लोगों ने सबसे मिलकर और बात करके इस बिल को लोकसभा में पास कराया उसके बाद भी इस बिल के विरोध में 232 वोट पड़े और पक्ष में 288। यदि संसद ऐसे कानूनों को पास करती है जिसमें खामियां हैं तो यह किसी के लिए ठीक नहीं होगा। यह जिसकी लाठी उसकी भैंस की तरह देश नहीं चलेगा।
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RSS Press Conference : RSS की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा (ABPS) की बंगलुरु में हुई बैठक में संघ की नीतियों और उसके दृष्टिकोण पर चर्चा हुई। आखिरी पत्रकार वार्ता में संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले से BBC द्वारा यह पूछे जाने पर कि संघ भाजपा की अभिभावक है इसलिए बीते 11 साल के बीजेपी शासन को वह कैसे आंकती है? उन्होंने जवाब दिया जैसे देश आंकलन करता है वैसे संघ भी करता है, जहां तक अभिभावक होने की बात है “…हम किसी भी सरकार के अभिभावक बनने को तैयार हैं, सिर्फ़ भाजपा के नहीं।”
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Cooperative Corruption : असम कोऑपरेटिव एपेक्स बैंक के खिलाफ़ चल रहे प्रदर्शन को कवर कर रहे पत्रकार दिलावर हुसैन मजूमदार को दो बार गिरफ़्तार किया गया। दिलावर हुसैन द क्रॉसकरंट के रिपोर्टर और गुवाहाटी प्रेस क्लब के सहायक महासचिव हैं। इस सहकारी बैंक के निदेशक हेमंत बिस्वा शरमा हैं जो कि असम के मुख्यमंत्री हैं और भाजपा विधायक बिस्वजीत फुकन इसके अध्यक्ष हैं। मजूमदार को पहले 25 मार्च को गिरफ़्तार किया गया, 26 मार्च को उन्हें जमानत दी गई पर जमानत बॉन्ड न जमा कर पाने के कारण उन्हें अगले दिन रिहा किया गया। गिरफ्तारी का सिलसिला जारी रहे इसलिए पत्रकार के खिलाफ एक अन्य शिकायत भी करवाई गई। यह शिकायत असम कोऑपरेटिव एपेक्स बैंक के प्रबंध निदेशक डंबरू सैकिया ने लिखवाई, पत्रकार पर दस्तावेज चोरी का आरोप लगाया। इसके बाद उन्हें दोबारा गिरफ़्तार किया गया। अदालत ने मजूमदार को जमानत देते हुए कहा कि किसी पर ऐसे आरोप लगाना “कानून का दुरुपयोग” करने से कम नहीं होगा, जिस कानून को अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों की सुरक्षा के लिए बनाया गया था, उसका इस्तेमाल झूठे आधार पर लोगों को गिरफ्तार करने के लिए एक उपकरण के रूप में किया जा रहा है।
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Investigation: मई 2023 से हिंसा से ग्रस्त मणिपुर में दो कुकी-जो महिलाओं के यौन हिंसा मामले में विशेष जांच दल(SIT) ने गुवाहाटी की सीबीआई अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया है लेकिन अभी तक सुनवाई शुरू नहीं हुई है। जातीय हिंसा प्रभावित मणिपुर में बलात्कार, महिलाओं के खिलाफ यौन आक्रमण, हत्या, लूट और आगजनी के मामलों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित, SIT ने केवल कुछ मामलों में ही आरोप पत्र दायर किए हैं। उनके आरोप पत्र दाखिल करने की दर बहुत धीमी है। अभी तक 6% आरोपपत्र दायर किए गए हैं। अगस्त 2023 में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश से SIT का गठन किया गया था।
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मिजोरम विधानसभा में 10 विधायकों वाली मिजो नेशनल फ्रंट (MNF) ने कहा कि मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह की “निष्क्रियता और सत्ता के दुरुपयोग” ने मणिपुर की स्थिति को बहुत ज्यादा खराब कर दिया है, उनका अपने पद पर बने रहना “अस्थिर और शर्मनाक” है। उन्हें तत्काल इस्तीफ़ा दे देना चाहिए। MNF ने कहा, उनका नेतृत्व मणिपुर संकट को हल करने में विफल रहा है, और निर्दोष लोगों की पीड़ा को और बढ़ाया है। MNF ने कहा कि केंद्र सरकार इस संकट को हमेशा के लिए समाप्त करे और तत्काल निर्णायक कार्रवाई करे, जिससे मणिपुर के लोग अपने लोकतांत्रिक अधिकारों और सम्मान को पुनः प्राप्त कर सकें।
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