यूपी कोर्ट ने 2010 के गैंगस्टर एक्ट मामले में पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी को दोषी पाया, पिछले 13 महीनों में छठी सजा। ग़ाज़ीपुर कोर्ट ने मुख्तार अंसारी को 10 साल जेल की सज़ा सुनाई। उन पर 5 लाख का जुर्माना भी लगाया गया है. कल एमपी/एमएलए कोर्ट ने उन्हें दोषी पाया।
मुख़्तार अंसारी को 10 साल की सज़ा, 5 लाख का जुर्माना।
- बोशल
- October 27, 2023
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RSS Press Conference : RSS की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा (ABPS) की बंगलुरु में हुई बैठक में संघ की नीतियों और उसके दृष्टिकोण पर चर्चा हुई। आखिरी पत्रकार वार्ता में संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले से BBC द्वारा यह पूछे जाने पर कि संघ भाजपा की अभिभावक है इसलिए बीते 11 साल के बीजेपी शासन को वह कैसे आंकती है? उन्होंने जवाब दिया जैसे देश आंकलन करता है वैसे संघ भी करता है, जहां तक अभिभावक होने की बात है “…हम किसी भी सरकार के अभिभावक बनने को तैयार हैं, सिर्फ़ भाजपा के नहीं।”
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Cooperative Corruption : असम कोऑपरेटिव एपेक्स बैंक के खिलाफ़ चल रहे प्रदर्शन को कवर कर रहे पत्रकार दिलावर हुसैन मजूमदार को दो बार गिरफ़्तार किया गया। दिलावर हुसैन द क्रॉसकरंट के रिपोर्टर और गुवाहाटी प्रेस क्लब के सहायक महासचिव हैं। इस सहकारी बैंक के निदेशक हेमंत बिस्वा शरमा हैं जो कि असम के मुख्यमंत्री हैं और भाजपा विधायक बिस्वजीत फुकन इसके अध्यक्ष हैं। मजूमदार को पहले 25 मार्च को गिरफ़्तार किया गया, 26 मार्च को उन्हें जमानत दी गई पर जमानत बॉन्ड न जमा कर पाने के कारण उन्हें अगले दिन रिहा किया गया। गिरफ्तारी का सिलसिला जारी रहे इसलिए पत्रकार के खिलाफ एक अन्य शिकायत भी करवाई गई। यह शिकायत असम कोऑपरेटिव एपेक्स बैंक के प्रबंध निदेशक डंबरू सैकिया ने लिखवाई, पत्रकार पर दस्तावेज चोरी का आरोप लगाया। इसके बाद उन्हें दोबारा गिरफ़्तार किया गया। अदालत ने मजूमदार को जमानत देते हुए कहा कि किसी पर ऐसे आरोप लगाना “कानून का दुरुपयोग” करने से कम नहीं होगा, जिस कानून को अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों की सुरक्षा के लिए बनाया गया था, उसका इस्तेमाल झूठे आधार पर लोगों को गिरफ्तार करने के लिए एक उपकरण के रूप में किया जा रहा है।
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Government’s economic mishandling: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि ICICI बैंक के 782 पूर्व कर्मचारियों ने संसद में उनसे मुलाक़ात की। उनकी बातें बहुत परेशान करने वाली थीं। उनकी कहानियों से एक पैटर्न सामने आता जिससे साफ़ होता है कि कार्यस्थल पर उत्पीड़न,जबरन तबादले, NPA उल्लंघन करने वाले का खुलासा करने पर प्रतिशोध, प्रक्रिया का पालन किए बिना बर्खास्तगी और कुछ मामले हैं जिनमें कर्मचारियों ने आत्महत्या भी कर ली। भाजपा सरकार ने अपने अरबपति मित्रो के 16 लाख करोड़ रुपये के ऋण माफ कर दिए हैं। नियामक कुप्रबंधन तो किया ही भाई-भतीजावाद करके भाजपा सरकार ने भारत के बैंकिंग क्षेत्र को संकट में डाल दिया है। इसका बोझ अंततः जूनियर कर्मचारियों पर पड़ रहा है। इसके कारण वे तनाव और ख़तरनाक स्थितियों को झेल रहे हैं। भाजपा के आर्थिक कुप्रबंधन की कीमत देश के नागरिकों को चुकानी पड़ रही है। हम इन मामलों को संसद में उठाएंगे।
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Burnt currency notes: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस डी के उपाध्याय की रिपोर्ट और जस्टिस यशवंत वर्मा के जवाब को सार्वजनिक किया। जस्टिस वर्मा ने कहा है कि उन्हें अधजले नोटों की बोरियों और उनके इस तरह स्टोर रूम में रखने की कोई जानकारी नहीं है। उन्हें यह ख़बर ही तब मिली जब इसका वीडियो बना कर अपलोड किया गया। जिस स्टोर रूम में ये पैसे मिले हैं वहां उनके परिवार का आना जाना भी नहीं है और वहां उनके माली, नौकर और अन्य लोग आ जा सकते हैं। यह मामला एक साजिश की तरह लगता है। वे पैसे सिर्फ़ बैंक से निकालते हैं जिसका ब्यौरा उनके पास उपलब्ध है।
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ईशा फाउंडेशन द्वारा मानहानि के मुकदमें के बाद, दिल्ली उच्च न्यायालय ने यूट्यूबर श्याम मीरा सिंह के जग्गी वासुदेव और ईशा फाउंडेशन पर यूट्यूब वीडियो को हटाने का आदेश दिया। कोर्ट ने श्याम मीरा सिंह को वीडियो प्रकाशित या शेयर करने से भी रोक दिया है। श्याम मीरा सिंह ने अपने वीडियो में यह विस्तार से बताया था कि ईशा फाउन्डेशन में किस तरह छोटी लड़कियों को दीक्षा के नाम पर अर्धनग्न किया जाता है। जबकि वे इस अवस्था को लेकर टालमटोल करती हैं। उनकी नापसंदगी के बावजूद उनका ऊपरी हिस्सा बिना कपड़े के रखा जाता है।
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